Section 131 of BSA : धारा 131: अपराधों के आयोग की जानकारी।

The Bharatiya Sakshya Adhiniyam 2023

Summary

यह धारा बताती है कि कोई भी मजिस्ट्रेट या पुलिस अधिकारी यह बताने के लिए बाध्य नहीं है कि उन्हें किसी अपराध के बारे में जानकारी कब मिली। इसी तरह, कोई भी राजस्व अधिकारी यह बताने के लिए बाध्य नहीं है कि उन्हें सार्वजनिक राजस्व के खिलाफ अपराध की जानकारी कब मिली। इसका उद्देश्य कानून प्रवर्तन और राजस्व अधिकारियों को जानकारी के स्रोतों की सुरक्षा करना है।

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Explanation using Example

उदाहरण 1:

परिदृश्य: एक पुलिस अधिकारी, इंस्पेक्टर शर्मा, को एक स्थानीय बैंक में योजनाबद्ध डकैती के बारे में एक गुमनाम टिप मिलती है। वह तुरंत कार्रवाई करता है और डकैती को रोकता है। मुकदमे के दौरान, बचाव पक्ष का वकील इंस्पेक्टर शर्मा से पूछता है कि उसे डकैती के बारे में जानकारी कब मिली।

धारा 131 का अनुप्रयोग: इंस्पेक्टर शर्मा को योजनाबद्ध डकैती के बारे में मिली जानकारी का सटीक समय या स्रोत बताने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। यह सुरक्षा सुनिश्चित करती है कि कानून प्रवर्तन को जानकारी का प्रवाह खुलासे के डर से बाधित न हो।

उदाहरण 2:

परिदृश्य: राजस्व अधिकारी मेहता एक प्रमुख व्यवसायी के शामिल एक बड़े पैमाने पर कर चोरी योजना का पता लगाते हैं। वह जांच शुरू करते हैं और पर्याप्त साक्ष्य इकट्ठा करते हैं। अदालत की कार्यवाही के दौरान, बचाव पक्ष का वकील अधिकारी मेहता से पूछता है कि उन्हें कर चोरी के बारे में जानकारी कब मिली।

धारा 131 का अनुप्रयोग: अधिकारी मेहता को यह बताने की आवश्यकता नहीं है कि उन्हें कर चोरी के बारे में जानकारी कब मिली। यह प्रावधान राजस्व अधिकारियों को जानकारी के समय को प्रकट करने के लिए मजबूर होने से बचाता है, जिससे सार्वजनिक राजस्व के खिलाफ अपराधों का पता लगाने में उपयोग की जाने वाली स्रोतों और विधियों की सुरक्षा होती है।