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Section 145 of CPC : धारा 145: जमानतदार की देयता का प्रवर्तन।

The Code of Civil Procedure, 1908

अनुभागों की व्यवस्था

भाग XI: विविध

धारा 145: जमानतदार की देयता का प्रवर्तन।

Explanation using examples

उदाहरण 1:

स्थिति: राजेश अपने मित्र सुरेश के लिए जमानतदार है, जिसने बैंक से ऋण लिया है। सुरेश ऋण का भुगतान करने में विफल रहता है और बैंक ऋण राशि की पुनर्भुगतान के लिए अदालत से डिक्री प्राप्त करता है।

धारा 145 का अनुप्रयोग:

  • उपधारा (a): राजेश ने डिक्री के निष्पादन (ऋण के पुनर्भुगतान) के लिए गारंटी दी थी।
  • निष्पादन: अदालत राजेश के खिलाफ डिक्री को निष्पादित कर सकती है। यदि राज