Section 188 of BNS : धारा 188: टकसाल से सिक्के बनाने के उपकरण का अवैध रूप से लेना।

The Bharatiya Nyaya Sanhita 2023

Summary

यदि कोई व्यक्ति बिना अनुमति के भारत में विधिवत स्थापित टकसाल से सिक्का बनाने का कोई उपकरण लेता है, तो उसे सात वर्ष तक की जेल और जुर्माना हो सकता है।

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Explanation using Example

उदाहरण 1:

रवि मुंबई में भारतीय सरकारी टकसाल में एक तकनीशियन के रूप में काम करता है। एक दिन, वह बिना किसी अनुमति के एक सिक्का डाई (सिक्कों पर डिज़ाइन उकेरने के लिए उपयोग किया जाने वाला उपकरण) घर ले जाने का निर्णय करता है, यह सोचकर कि वह इसे एक स्मृति चिन्ह के रूप में उपयोग कर सकता है। रवि को परिसर छोड़ते समय सुरक्षा द्वारा पकड़ा जाता है। भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 188 के तहत, रवि पर टकसाल से सिक्का बनाने के उपकरण को अवैध रूप से लेने का आरोप लगाया जा सकता है। यदि दोषी पाया जाता है, तो उसे सात वर्ष तक के कारावास की सजा हो सकती है और उसे जुर्माना भी देना पड़ सकता है।

उदाहरण 2:

प्रिय, हैदराबाद में भारतीय सरकारी टकसाल की एक कर्मचारी है, जिसे एक आपराधिक गिरोह द्वारा एक बड़ी राशि की पेशकश की जाती है ताकि वह एक सिक्का प्रेस (सिक्के बनाने के लिए उपयोग की जाने वाली मशीन) को बाहर निकाल सके। प्रिय सहमत हो जाती है और बिना किसी वैध अधिकार के सिक्का प्रेस को टकसाल से बाहर ले जाने में सफल होती है। हालांकि, अधिकारी गायब उपकरण का पता लगाते हैं और इसे प्रिय तक ट्रेस करते हैं। भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 188 के तहत, प्रिय पर टकसाल से सिक्का बनाने के उपकरण को अवैध रूप से लेने का अभियोग चलाया जा सकता है। यदि दोषी साबित होती है, तो उसे सात वर्ष तक के कारावास की सजा हो सकती है और उसे जुर्माना भी देना पड़ सकता है।